आधार के लिए आवेदन करने योग्य कौन है?

आधार के लिए आवेदन करने योग्य कौन है

आधार के लिए आवेदन करने योग्य कौन है?  चाहे आप आधार के लिए पात्र हों या नहीं पर यह महत्वपूर्ण है क्योंकि यह निर्धारित करता है कि आप अपना कर रिटर्न दाखिल करने के लिए अनिवार्य रूप से योग्य हैं या नहीं,पैन के लिए आवेदन करना जरुरी है क्योंकि यह कई अन्य वित्तीय लेनदेन के लिए  कानून अनिवार्य बना दिया गया है। अनिवार्य रूप से आधार के बारे में भी कानून बनाया गया है और इसे पैन कार्ड से जोड़ना भी आवश्यक है। यदि आप एक निवासी हैं तो आधार कानून के अनुसार आपको आधार कार्ड और बनवाना जरुरी है।

लोगों के बीच बहुत भ्रम है कि आधार प्राप्त करने के लिए कौन पात्र है। पिछले वित्तीय बजट को बिना किसी संशोधन के और मुश्किल के बनाया गया।

इस साल फरवरी में जो बजट प्रस्तुत किया गया उसमें आयकर कानून की धारा 139एए के तहत कानून में संशोधन किया गया। परिणाम स्वरूप 1 जुलाई 2017 से आधार संख्या या आधार नामांकन आईडी (यदि आपने आधार के लिए आवेदन किया है लेकिन इसे प्राप्त नहीं किया है) का उल्लेख करना अनिवार्य हो गया है। जबकि आपकी आयकर रिटर्न दाखिल करते समय या पैन कार्ड के लिए आवेदन करते समय आधार जरुरी है। आधार कार्ड को अपने  मौजूदा पैन से जोड़ना भी अनिवार्य हो गया है, भले ही आप अपनी आईटीआर फाइल न करें।

सवाल यह उठता है कि कौन आधार के लिए आवेदन करने योग्य है? क्या भारत में रहने वाले अनिवासी भारतीय (एनआरआई) या विदेशी नागरिक भी आधार के लिए आवेदन करने योग्य हैं?

आधार अधिनियम, 2016 में कहा गया है,की “हर निवासी नामांकन प्रक्रिया के माध्यम से अपनी जनसांख्यिकीय जानकारी और बायोमेट्रिक जानकारी प्रस्तुत करके एक आधार संख्या प्राप्त करने का हकदार होगा।”

अधिनियम के तहत,”एक व्यक्ति जो 182 दिन या उससे अधिक किसी अवधि के लिए भारत में रह गया है 12 महीने के बाद नामांकन के लिए आवेदन कर सकता है।

हिमाँशु सिन्हा, पार्टनर, ट्राईगल ने कहा है कि सामान्य शब्दों में, यह कहा जा सकता है कि यदि आप आज के आधार के लिए आवेदन कर रहे हैं, तो आपको आवेदन की तारीख से एक वर्ष पीछे जाकर आकलन करना होगा कि आपने भारत में 182 दिन से अधिक समय बिताया है या नहीं।

सिन्हा ने कहा की इसका मतलब यह है कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप एनआरआई हैं या विदेशी, अगर आप भारत में 182 दिनों से अधिक समय तक रहे हैं, तो आप आधार के लिए आवेदन करने योग्य हैं।

उन्होंने कहा की हालांकि, अधिनियम में आगमन या प्रस्थान की तिथि को ध्यान में रखने का उल्लेख नहीं किया गया है और ना ही भारत में रहने के लिए आवश्यक न्यूनतम दिनों के बारे में बताया गया है।

आयकर कानूनों में उल्लिखित आधार निवास परिभाषा को भ्रमित नहीं करना चाहिए। आयकर अधिनियम एक व्यक्ति को एक वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल से 31 मार्च) में निवासी के रूप में परिभाषित करता है,जब वह 182 दिनों से अधिक समय भारत में रहता है। दूसरी ओर, आधार अधिनियम के तहत समय निर्धारित करने के लिए कोई विशिष्ट तिथि नहीं हैं।

आधार अधिनियम ने स्पष्ट किया है कि भले ही आपके पास आधार  हों या किसी के लिए आपने आवेदन किया हो, इसका मतलब यह नहीं है कि आपको भारतीय नागरिकता प्राप्त हो गयी है।

आधार, जनसांख्यिकीय जानकारी जैसे कि नाम,पता, जन्म तिथि और बॉयोमीट्रिक जानकारी जैसे आईरिस स्कैन, उंगलियों के निशान आदि प्राप्त करने के बाद व्यक्ति को जारी किए गए 12 अंकों की पहचान संख्या है।

यह एक रैंडम संख्या है जिसमें व्यक्ति का किसी भी व्यक्तिगत विवरण का कोई संबंध नहीं है।

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आधार धीरे-धीरे कई चीजों के लिए अनिवार्य हो रहा है,जैसे 50,000 रुपये से अधिक बैंकिंग लेनदेन के लिए, सरकारी सामाजिक सुरक्षा, सब्सिडी योजना आदि के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए आदि।

आयकर अधिनियम की धारा 139 AA बताती है कि हर व्यक्ति, जो आधार संख्या प्राप्त करने के लिए पात्र है,उनको आयकर रिटर्न दाखिल करते समय ही आधार संख्या बतानी चाहिए। यह आगे बताता है कि हर व्यक्ति जिसके पास पैन कार्ड है और आधार प्राप्त करने के लिए पात्र है या पहले से ही सरकार से अधिसूचित होने वाली तारीख से पैन अमान्य होने से बचने के लिए दोनों से जुड़ा होना चाहिए।

हालांकि, सीबीडीटी ने 11 मई, 2017 की अपनी अधिसूचना में कुछ श्रेणियों के व्यक्तियों को छूट दी है कि वे आधार नहीं रखते हैं और आवेदन नहीं किया है। य़े हैं

(I) आयकर कानून के अनुसार गैर-अनिवासी भारतीय (एनआरआई)

(Ii) भारत का नागरिक नहीं

(Iii) कर वर्ष के दौरान किसी भी समय 80 से अधिक वर्षों या उससे अधिक आयु

(Iv) असम, मेघालय और जम्मू और कश्मीर राज्यों के निवासियों

को धारा 139एएए के दायरे में नहीं लाया गया है यदि वह आधार अधिनियम के अनुसार कोई निवासी नहीं है।

अगर किसी विशेष कर वर्ष में आपका निवास स्थान बदलता है, तो एनआरआई से निवासी तक, फिर आपको टैक्स रिटर्न दाखिल करने के लिए आधार संख्या की आवश्यकता होगी।

पैन और आधार के संबंध में सुप्रीम कोर्ट का आदेश केवल उन लोगों को राहत प्रदान करता है जिनके पास पैन है लेकिन आधार नहीं है।

हालांकि, यदि आप 1 जुलाई, 2017 के बाद आयकर रिटर्न फाइल करने जा रहे हैं, तो आपको अपने आधार नंबर (ऊपर बताए गए छूट के अलावा) के बारे में बताना आवश्यक है, जो की अनिवार्य रूप से आपका आधार आपके पैन कार्ड के साथ लिंक हो।

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मेरा नाम प्रदीप कुमार है में इस वेबसाइट में एडमिन के तौर पर काम करता हूँ और मुझे हिंदी में लिखना अच्छा लगता है और में अपनी तरफ से पूरी कोशिश करता हूँ की जो पोस्ट में डालू उससे मेरे यूजर को पूरी हेल्प मिले मुझे लिखना और साथ में चाय पीना अच्छा लगता है।

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