प्रधान मंत्री आवास योजना- शहरी गरीबों के लिए बनेंगे 40 हजार घर

प्रधान मंत्री आवास योजना

प्रधान मंत्री आवास योजना के तहत 2,200 करोड़ रुपये की लागत से झारखंड के शहरी गरीबों के लिए 40 हजार घर बनाए जाएंगे। सरकार 2022 तक सभी के लिए स्थायी आवास प्रदान करने की एक योजना पर काम कर रही है। इसके तहत एक घर 5 लाख 50 हजार रुपये की लागत से बनाया जाएगा। इस योजना को मंगलवार के दिन कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी गई थी। कैबिनेट सचिव सुरेंद्र सिंह मीणा ने कहा कि इसके लिए केंद्र सरकार 600 करोड़ देगी। राज्य सरकार भी 600 करोड़ रुपए देगी और शेष एक हजार करोड़ की राशी बिल्डरों और जिन लोगों को घर आवंटित होंगे उनसे ली जाएगी।

झारखंड राज्य बोर्ड ऑफ हाउसिंग

झारखंड राज्य बोर्ड ऑफ हाउसिंग को 9 वें और10 वें नियम में संशोधन के लिए मंजूरी दे दी गई है। संशोधित नियम 9 के अनुसार जो सालाना तीन से छह लाख रूपये के बीच कमाते हैं। उन्हें निम्न आय वर्ग के घर दिए जाएँगे। छह से 12 लाख रूपये कमाने वाले लोगों को मध्यम आय वर्ग में। 12 लाख से ज्यादा कमाने वाले लोगों को उच्च आय वर्ग की श्रेणी में रखा गया है।

नियम10 के अनुसार

जिन लोगों की भूमि आवास बोर्ड के लिए ली जाएगी। उन्हें 10 प्रतिशत जमीन दी जाएगी। इनमें से आठ प्रतिशत जमीन का उपयोग आवासीय उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। दो प्रतिशत जमीन का उपयोग व्यावसायिक कार्य के लिए किया जाएगा। झारखंड सुधार ट्रस्ट 2002 के नियम 7 में संशोधन करते समय । मास्टर प्लान में याचिका के लिए 60 दिन की अब 30 दिन की हो गई है।

अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

  • विधानसभा की नियुक्ति में हुई गड़बड़ी की जांच के लिए बनाई गई जस्टिस विक्रमादित्य कमेटी का कार्यकाल 26 जून को पूरा हो रहा है। जिसे छह महीने के लिए और बढ़ा दिया गया है।
  • राज्य के विभिन्न नगर निकायों के लिए 1242 पदों की न्युक्ति की मंजूरी।
  • नॉकॉफ द्वारा खरीदे गए धान में से जिन किसानों को पैसा नहीं मिला है। उनका भुगतान झारखंड राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम के माध्यम से किया जाएगा।
  • झारखंड राज्य के कर्मचारी चयन आयोग की नियमावली तीन में संशोधन कर कंप्यूटर आधारित ऑनलाइन परीक्षा की स्वीकृति।
  • प्रेजा फाउंडेशन द्वारा कल्याण विभाग के तहत संचालित स्कूलों के बच्चों को ट्रेनिंग देने की स्वीकृति।
  • पलामू में इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए 48 करोड़ रुपए की मंजूरी।
  • कोडरमा के डोमचांच के वर्तमान बीडीओ सह सीओ रुक्म केस मिश्र ने सरकारी और वन भूमि की अवैध कब्ज़ा कर रखा था। अब वे पाकुड़ में कार्यपालक दंडाधिकारी हैं, उन्हें वहां से बर्खास्त कर दिया गया है।
  • लातेहार के मनिका प्रखंड के माइल मौजा की 30 एकड़ जमीन जवाहर नवोदय विद्यालय के लिए केंद्र सरकार को नि:शुल्क देने की मंजूरी।
  • राजकोषीय अध्ययन संस्थान के लिए 17 पदों की मंजूरी। इनमें एक निदेशक, तीन अपर निदेशक, दो शोध सहायक भी शामिल हैं।

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