मध्यप्रदेश लाडली लक्ष्मी योजना – Madhy Pradesh Ladli Laxmi Yojana

मध्यप्रदेश लाडली लक्ष्मी योजना

महिलाओं के समग्र विकास के लिए लाडली लक्ष्मी योजना एक बहुत ही महत्वपूर्ण योजना है । मध्यप्रदेश में बालिकाओं की शैक्षिक तथा स्वास्थ्य की स्थिति सुधारने और अच्छे भविष्य की आधारशिला रखने के लिए बालिका भ्रूण हत्या रोकने और बालिकाओं के जन्म के प्रति जनता में सकारात्मक सोच लाने एवं बाल विवाह रोकने के उद्देश्य से लाडली लक्ष्मी योजना का योजना की शुरुआत की गई है । योजना 1 जनवरी 2006 के बाद जन्मी बालिकाओं के लिए है ।

 

कौन सी बालिका योजना का लाभ ले सकती हैं

  1. जिनके माता-पिता मध्य प्रदेश के मूल निवासी हों तथा जो आयकर दाता ना हो वह लोग इस योजना का लाभ ले सकते हैं ।
  2. दूसरी लड़की के मामले में आवेदन करने से पहले दम्पत्ति ने परिवार नियोजन अपना लिया हो ।
  3. पहली लड़की का जन्म 1 अप्रेल 2008 के बाद हुआ हो तथा दूसरी लड़की के बाद परिवार नियोजन अपनाना जरुरी है ।
  4. बालिका की आंगनबाड़ी केंद्र में नियमित उपस्थिति होनी चाहिए ।
  5. जिस परिवार में ज्यादा से ज्यादा दो बच्चे हों और माता या पिता किसी एक की मृत्यु हो गई हो तो परिवार नियोजन की शर्त जरुरी नहीं है लेकिन माता या पिता का मृत्यु प्रमाण पत्र आवश्यक है ।
  6. जिस परिवार में पहला लड़का या लड़की हो और दुसरे जन्म के समय जुड़वाँ लड़कियां होने पर दोनों जुड़वाँ लड़कियों को लाभ मिलेगा ।
  7. यदि परिवार ने अनाथ किसी लड़की को गोद लिया हो तो उसे पहली लड़की मानते हुए इस योजना का लाभ दिया जाएगा ।
  8. माता या पिता किसी एक की मृत्यु होने की दशा में लड़की की उम्र पांच साल होने पर भी आवेदन पत्र जमा किया जा सकता है ।
  9. प्रथम जन्म के समय यदि एक साथ तीन लड़कियां पैदा होती हैं तो तीनों लड़कियों को लाड़ली लक्ष्मी योजना का लाभ मिलेगा ।
  10. ऐसे माता पिता जो बालिका के जन्म के 1 वर्ष बाद भी आवेदन पत्र जमा नहीं कर पाए उनकी सुविधा के लिए अगले 1 वर्ष के बाद अर्थात बालिका के जन्म के दूसरे वर्ष में आवेदन कर सकते हैं । अपने जिला कलेक्टर के यहां आवेदन मान्य और अमान्य करने का पूर्ण अधिकार जिला कलेक्टर को होगा ।

आवेदन कैसे और कहां करना होगा

  1. लाडली योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को अपने गाँव या मोहल्ले के आंगनबाड़ी केंद्र पर संपर्क करना होगा‌ ।
  2. ‌‌‍‌आवेदन पत्र के साथ जरुरी दस्तावेज लगाकर जमा करना होगा ।
  3. अनाथ बालिका की स्थिति में सम्बंधित अनाथालय के अधिकारी से बालिका का अनाथालय में प्रवेश के 1 वर्ष के अन्दर बालिका की उम्र 6 साल होने से पहले सम्बंधित परियोजना अधिकारी के यहाँ आवेदन करना होगा ।

कब तक कर सकते हैं पंजीकरण

  1. आवेदक को राज्य में अपने नजदीक के आंगनबाड़ी केंद्र में बालिका के जन्म के एक वर्ष के अन्दर पंजीकरण करना जरुरी है ।
  2. योजना का पंजीकरण करने के लिए माता या पिता बालिका के जन्म के एक वर्ष के अन्दर सम्बंधित आंगनबाडी कार्यकार्त के यहाँ आवेदन करना होगा ।
  3. बालिकाएं जो अपने माता-पिता की पहली संतान हैं और जिनका जन्म 31 मार्च 2008 के बाद हुआ हो और दूसरी बालिका के जन्म के 1 वर्ष के अन्दर पंजीकरण औरआवेदन करना जरुरी होगा ।

 पैसा कहाँ से आयेगा

आवेदन स्वीकार होने के बाद बालिका के नाम पर लगातार 5 साल तक 6000 हजार रूपये के राष्ट्रिय बचत पत्र ख़रीदे जाएँगे ।

  1. जब बालिका छठी कक्षा में जाएगी तो 2000 रूपये नौ वीं कक्षा में जाने पर 4000 और ग्यारहवीं कक्षा मे जाने पर 7500 की एक मुस्त भुगतान किया जाएगा ।
  2. जब बालिका 21 वर्ष की हो जाएगी और 12वीं की परीक्षा देगी या दे चुकी होगी तो शेष राशी का भुगतान एक बार में होगा लेकिन शर्त यह होगी की बालिका का विवाह 18 वर्ष की आयु के बाद हुआ हो ।

One comment

  • Vinod patidar

    श्रीमान क्या बालिका की पढ़ाई मध्य प्रदेश के बाहर नहीं कराने का कोई नियम है क्या ?
    कृपया अवगत करावें

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