इलेक्ट्रिक वाहन सब्सिडी योजना – ट्रैकिंग डिवाइस लगवाने पर 1.5 लाख की सब्सिडी

इलेक्ट्रिक वाहन सब्सिडी योजना – भारत सरकार ने FAME 2 के तहत कुल सब्सिडी फंड बढ़ाने के बाद ई-वाहनों के लिए उपलब्ध होने वाली सब्सिडी का पूरा विवरण पेश कर दिया है। सरकार ने अपनी नई सूचना के अनुसार सार्वजनिक परिवहन के लिए इस्तेमाल होने वाले वाहनों के अलावा अब उपभोक्ताओं को ई-कारों पर भी सब्सिडी दी जाएगी। उपभोक्ताओं को इलेक्ट्रिक दोपहियां वाहन, तिपहिया वाहन और कार खरीदने पर सरकार द्वारा सब्सिडी प्कारदान की जाएगी।

सरकार द्वारा FAME 2 योजना के बारे में दी गई नई सूचना में दिए गए विवरण के अनुसार सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों पर सब्सिडी अगले तीन वर्षों तक प्रदान करेगी। सब्सिडी के माध्यम से 10 लाख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर्स, 5 लाख इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर्स, 35,000 इलेक्ट्रिक कार और 7,090 इलेक्ट्रिक बसों को शामिल किया गया है। FAME 2 योजना के तहत 20,000 पूर्ण-हाइब्रिड वाहनों को सब्सिडी प्रदान करने के लिए एक प्रावधान भी किया गया है।

ट्रैकिंग डिवाइस लगवाने पर 1.5 लाख की सब्सिडी – बहुत जल्द भारत की केंद्र सरकार द्वारा एक नई योजना को शुरू किया जाएगा। भारत सरकार की इस स्कीम का नाम FAME स्कीम है। केंद्र सरकार इस स्कीम के दूसरे चरण के लिए अधिकारिक रूप से मंजूरी दे दी गई है। हम आपको बताना चाहते है की इस स्कीम को 1 अप्रैल 2019 से अधिकारिक रूप से लागू कर दिया जाएगा। केंद्र सरकार की इस स्कीम के अंतर्गत, इलेक्ट्रिक वाहन पर 1.5 लाख रुपए तक की सब्सिडी प्रदान कराई जाएगी। जिसके लिए सभी नागरिको को अपने इलेक्ट्रिक वाहन में ट्रैकिंग डिवाइस लगाना होगा। तभी वह इस योजना का लाभ उठा सकते है।

इलेक्ट्रिक वाहन सब्सिडी योजना

वर्तमान समय में भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की कुल बिक्री मात्र 1 प्रतिशत के लगभग है, सरकार ने इस योजना के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया है। सरकार ने 2030 तक 40% इलेक्ट्रिक वाहनों बिक्री का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का मानना है की इलेक्ट्रिक वाहन न केवल प्रदूषण को कम करने में मदद करेंगे, बल्कि एक नई अर्थव्यवस्था को बढ़ावा भी देंगे। इतना ही नहीं सरकार फेम-2 स्कीम के अंतर्गत, केंद्र सरकार इलेक्ट्रिक गाड़ियों में ट्रैकिंग डिवाइस लगाना अनिवार्य बना सकती है। इससे यह लाभ होगा की ग्राहक और गाड़ी दोनों जानकारी रहेगी। इतना ही नहीं योजना के लागू होने से चार्जिंग इंफ्रास्ट्रचर बनाने में मदद होगी। इसके अलावा, भी डिवाइस लगाने के बाद गाड़ी की परफॉरमेंस के बारे में पूरी जानकारी मिल सकेगी।

सरकार की इस योजना के अंतर्गत, ट्रैकिंग डिवाइस को एक मोबाइल एप्लीकेशन की सहायता इलेक्ट्रिक गाड़ियों में जोड़ दिया जाएगा। इतना ही नहीं इस स्कीम के अंतर्गत, लगभग 10 लाख टू-व्हीलर इलेक्ट्रिक वाहनों पर 20-20 हजार रुपए सब्सिडी दी जाएगी। इसके अलावा, अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों पर 1.5 लाख रूपये की सब्सिडी दी जाएगी। इस योजना के अंतर्गत, सरकार द्वारा 10 हजार करोड़ रूपये के बजट को मंजूरी दी गई है।

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इलेक्ट्रिक वाहन सब्सिडी योजना

वैसे हम आपको बताना चाहते है की वर्तमान समय में भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की कुल बिक्री मात्र 1 प्रतिशत है। इतना ही नहीं सरकार द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री बढ़ाने के लिए भी कहा गया है। भारत सरकार के लक्ष्य है की इस योजना के चलते 2030 तक इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की बिक्री को 40% तक पहुँचाया जा सके।

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