दीनदयाल दिव्यांगजन सहजया योजना असम-असम के दिव्यांग लोगों के लिए

दीनदयाल दिव्यांगजन सहजया योजना असम – भारत के माननीय उपराष्ट्रपति श्री एम वेंकैया नायडू ने असम में एक बैठक के दौरान दिव्यांग लोगों के लिए एक नई योजना की घोषणा की है इस योजना के माध्यम से दिव्यांग लोगों के साथ बिना किसी भेद भाव के उन्हें अपना जीवन जीने में मदद मिलेगी। यह योजन असम के दिव्यांग लोगों के लिए शुरू की गई है और इस योजना का नाम दीनदयाल दिव्यांगजन सहजया योजना है। यह योजना विकलांग लोगों के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस के शुभ अवसर पर शुरू की गई थी। योजना के शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान, नायडू ने कहा कि जो लोग दिव्यांग हैं उनके साथ बराबरी का व्यव्हार किया जाना चाहिए न की सहानुभूति का व्यवहार किया जाना चाहिए।

दीनदयाल दिव्यांगजन सहजया योजना असम

दीनदयाल दिव्यांगजन सहजया योजना के अंतर्गत, असम राज्य के सभी विकलांग व्यक्ति को उनके इलाज के लिए 5000 रुपये का एक बार अनुदान का लाभ दिया जाएगा।

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि यह जरूरी है कि विचार प्रक्रिया में कुछ बदलाव करके दिव्यांग लोगों के लिए कानून बनाये जाएँ जो दिव्यांग लोगों के जीवन की स्थिति को सुधारने में मदद करेंगे। नायडू ने प्राणाम अधिनियम को लागू करने के लिए राज्य सरकार की भी प्रशंसा की जिसके तहत सभी सरकारी कर्मचारियों को वृद्ध और दिव्यांग लोगों के लिए के लिए अपने वेतन से योगदान देना है।

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उन्होंने अधिकारियों को भी सार्वजनिक स्थानों को सुलभ बनाने का निर्देश दिया ताकि दिव्यांग किसी भी अवसर से वंचित न हों। इस सम्बन्ध में उन्होंने कहा कि दिव्यंगों के लिए अवसरों को अनिवार्य बनाया जाना चाहिए और पूरे समाज को सभी संभव व्यवहार करके ऐसे लोगों को प्रोत्साहित करना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि असम सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी योग्य और जरूरतमंद लाभार्थियों को उनके लिए पेश की गई विभिन्न योजनाओं के तहत अपने बकाए का भुगतान करना चाहिए। उप राष्ट्रपति ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों को भी निर्देश भी दिए की दिव्यांग लोगों को एक आसान और सरलीकृत प्रक्रिया के माध्यम से  ऋण प्रदान किया जाए।

2011 की जनगणना के अनुसार नायडू द्वारा प्रदान की गई जानकारी के मुताबिक दुनिया भर के 15% विकलांग लोगों में से 2.21% विकलांग लोग भारत में हैं।

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