धनलक्ष्मी योजना छत्तीसगढ़ – कन्याओ को शिक्षा की और बढ़ाने का एक और कदम

धनलक्ष्मी योजना छत्तीसगढ़ :- बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसे अभियान को बढ़ावा देते हुए छत्तीसगढ़ सरकार एक योजना लेकर आई है। जिसका नाम है धनलक्ष्मी योजना। राज्य में बढ़ती कन्या भ्रूण हत्या को देखते हुए सरकार द्वारा इस योजना को शुरू किया गया है। इस लेख में आप जानेंगे की कैसे इस योजना के जरिये छत्तीसगढ़ राज्य की कन्याओ को 1 लाख रुपए तक की वित्तीय सहायता और शिक्षा करने के लिए अलग से आर्थिक मदद दी जाएगी।


धनलक्ष्मी योजना छत्तीसगढ़

आज के समय में भी हमारे देश में कन्याओ को बोझ समझा जाता है। कई बार खबरों में कन्या भ्रूण हत्या जैसे अपराधों के बारे में पढ़ा जाता है। सरकार द्वारा अन्य योजनाये भी चलाई जा रही है जैसे बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना और किशोरी शक्ति योजना। बहुत सी जगह में आज भी लड़कियों को पढ़ने का अधिकार नहीं है। बहुत से घरो में छोटी उम्र में ही लड़कियों की शिक्षा को रोक दिया जाता है और उन्हें बाल विवाह जैसी प्रथाओं की और धकेला जाता है। इन्ही सब कारणों को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इस धन लक्ष्मी योजना को प्रारम्भ किया गया है।

धनलक्ष्मी योजना छत्तीसगढ़ के लाभ –

इस योजना का लाभ छत्तीसगढ़ राज्य की कन्याओ को उनके जन्म से लेकर 18 वर्ष की आयु में अविवाहित होने तक मिलेगा। इस योजना के अन्तर्गत लड़की की माँ को इस योजना की राशि प्रदान की जाएगी। जो की निम्न प्रकार है-

  1. कन्या के जन्म के समय 5,000 रुपए की वित्तीय सहायता।
  2. कन्या की 2 वर्ष की आयु तक 1,000 रुपए की वित्तीय सहायता।
  3. कन्या के सम्पूर्ण टीकाकरण पर 250 रुपए की राशि।
  4. कन्या का पहली कक्षा में दाखिला होने पर 1,000 रुपए की वित्तीय सहायता।
  5. कन्या के पहली कक्षा से लेकर पांचवी कक्षा तक 85 % अंक होने पर 2,500 रुपए की राशि।
  6. कन्या का छठी कक्षा में दाखिला होने पर 1,500 रुपए की वित्तीय सहायता।
  7. कन्या के छठी कक्षा से लेकर आठवीं कक्षा तक 85 % अंक होने पर 2,250 रुपए की राशि।

इसके अलावा जब लड़की की उम्र 18 वर्ष हो जाएगी। और उस समय वह अगर अविवाहित होगी तो जीवन बीमा निगम द्वारा उसे 1 लाख रूपये की राशि भी वित्तीय सहायता के रूप में दी जाएगी।

धनलक्ष्मी योजना छत्तीसगढ़ की शर्ते –

अगर आप भी अपनी बेटी के लिए इस योजना का लाभ उठाना चाहते है तो इसके लिए आपको निम्न शर्तो का मानना आवश्यक है।

  • बालिका का जन्म पंजीकरण
  • संपूर्ण टीकाकरण
  • स्कूल में पंजीकरण तथा शिक्षा
  • 18 वर्ष की आयु तक विवाह न किया जाना

इस योजना का लाभ उठाने के लिए आप अपने क्षेत्र के नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र से संपर्क कर सकते है क्योकि यह योजना पायलट परियोजना के रूप में छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के जगदलपुर विकासखंड और बीजापुर जिले के भोपालपट्टनम विकासखंड में ही शुरू है।

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