कर्नाटक में कृषि भाग्य योजना | Krishi Bhagya Scheme in Karnataka

 कर्नाटक में कृषि भाग्य योजना

कर्नाटक राज्य सरकार ने कृषि भाग्य योजना नामक कर्नाटक में कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन करने के लिए प्रमुख योजना के रूप में शुरू की है। इस योजना के तहत सरकार कृषि क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाकर नई तकनीक और उपकरण का सृजन टिकाऊ कृषि पद्धतियां और राज्य में बेहतर जल प्रबंधन और सिंचाई सुविधाओं को बदलने के लिए प्रतिबद्ध है। कर्नाटक में 70% किसान अपने फसलों के लिए बारिश के पानी पर निर्भर रहते हैं। इन बारिश वाले खेतों में शुष्क अवधि के दौरान किसी भी प्रकार का विश्वस्त सिंचाई का साधन नहीं है। फसलों को महत्वपूर्ण समय के दौरान पानी पर्याप्त मात्रा में प्राप्त नहीं हो पाता। कम बारिश के कारण हानि या कम उपज एक अस्थिर अनुपात में खेती को कम कर देता है।

यह अस्थिरता कुछ किसानों को कृषि छोड़ने पर विवश करती है। इसलिए सरकार ने इस योजना को किसानों के लिए शुरू किया जो कि समाधान के साथ किसानों को टिकाऊ कृषि के लिए सक्षम बनाती है। इस प्रोग्राम में सरकार कुशल जल उपयोग के लिए पोलीथिन के साथ खेत के लिए तालाब बनाने के लिए किसानों की सहायता करती है, पंप और छिड़काव सिंचाई प्रणाली स्थापित करती है। यह कार्यक्रम किसानों को अपने खेत में बारिश का पानी इकटठा करने और सिंचाई प्रणाली में मदद मिलती है ताकि वे कृषि के लिए कुशलता से पानी का इस्तेमाल कर सकें। यदि किसान इस कार्यक्रम का उचित लाभ लेते हैं तो वे अपनी फसल को बचा सकते हैं या लगभग 30% उपज में वृद्धि कर सकते हैं। इस कार्यक्रम से बारिश से होने वाली खेती में स्थिरता आयेगी और किसानों को अधिक आय होने की उम्मीद है।

कृषि भाग्य योजना का लाभ

  1. कृषि उत्पादकता में वृद्धि
  2. नई तकनीक और उपकरण को बढ़ावा
  3. पुरानी कृषि प्रथाओं का त्याग
  4. बेहतर जल प्रबंधन और सिंचाई सुविधाएं
  5. यह योजना खेती करने के लिए केवल बारिश पर निर्भर ना रहने में मदद करती है।
  6. जब बारिश नहीं होती तालाब के पानी से फसलों की सुरक्षा के लिए किसान की मदद होती है।

कृषि भाग्य योजना की विशेषताएं

  1. इस कार्यक्रम के तहत सरकार किसानों को किफायती किराए पर मशीनरी प्रदान करती है। फार्म मशीनरी में ट्रैक्टर, टिलर, कुल्टीवेटर,खोदने की मशीन आदि शामिल हैं
  2. 183 कृषि मशीनरी और उपकरण केंद्र पहले ही कर्नाटक राज्य में स्थापित हो चुके हैं और 278 से अधिक नए केंद्र जल्द ही खुलेंगे।
  3. भुचेतना और भूसमृद्धि कार्यक्रम कर्नाटक में मिट्टी के स्वास्थ्य और जल प्रबंधन के तीसरे चरण में शामिल हो गए हैं। जो किसान इस कार्यक्रम को अपनाएगा वह कृषि क्षेत्र में भारी लाभ प्राप्त कर सकता है।
  4. खेत में वर्षा जल संचयन के लिए कृषि तालाब।
  5. हर जिले में कृषि मेला का आयोजन किसानों को कृषि प्रथा और प्रौद्योगिकी के मामले में कृषि के नवीनतम विकास के बारे में शिक्षित किया जा रहा है।
  6. किसान मेला कृषि फसलों के बारे में,फसल उत्पादन तकनीक, बीज प्रसंस्करण,मिट्टी और जल संरक्षण प्रथाओं,जैविक खेती, ग्रीन हाउस टेक्नोलॉजी और फार्म मशीनरी के बारे में जानकारी प्रदान करता है।
  7. कृषि मेले में, किसानों को विभिन्न योजनाओं के तहत सरकार द्वारा प्रस्तावित तकनीकी, वित्तीय और अन्य सहायता के बारे में जानकारी भी मिलती है।
  8. कृषि समुदाय में जागरूकता पैदा की जा रही है।

कृषि भाग्य योजना के लिए आवेदन कैसे करें

  1. कर्नाटक में तालुका / जिले से संबंधित कृषि विभाग में जाकर …कृषि भाग्य योजना के लिए आवेदन करें

संदर्भ और विवरण

  1. कृषि भाग्य योजना के बारे में अधिक जानकारी के लिए

http://raitamitra.kar.nic.in/ENG/krushiE.asp

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