इंदौर शहरी गरीबों के लिए 68,126 कम लागत आवास उपलब्ध कराने की योजना

इंदौर नगर निगम योजना ने केंद्र सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी “सभी के लिए आवास” के तहत,  2022 तक शहरी गरीबों के लिए 68,126 पक्के मकान उपलब्ध कराने का फैसला लिया है। आईएमसी के आयुक्त मनीष सिंह ने कहा कि निगम चार चरणों में परियोजना को आयोजित करने जा रहा है। पहले दो चरणों में, नगर निकाय 2018 के अंत तक शहर में 50 स्लम कालोनियों के 2944 परिवारों को पुनर्वास प्रदान करेगा।निगम 20,182 कम लागत वाली आवासीय इकाइयों का निर्माण और 101 तर्कसंगत और 84 अस्थिर मलिन बस्तियों को शिफ्ट करेगा।

रिपोर्ट के अनुसार, 1, 82,000 646 से अधिक परिवार झुग्गी बस्तियों और 75,000 से अधिक शहरी गरीब परिवार किराए के घरों में अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं। लगभग 41,638 घरों और 20,862 परिवारों को घर एवं क्रेडिट लिंक सब्सिडी प्रदान करके प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभान्वित किया जायेगा।
अंत में, चौथे चरण में, निगम कि योजना, शहरी गरीबों के लिए 25,000 कम लागत वाली आवासीय इकाइयों का निर्माण करने के कि है, शेष 50,379 परिवारों को ईडब्ल्यूएस / एलआईजी नीति, आईडीए और एमपी हाउसिंग बोर्ड योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित किया जाएगा।
आईएमसी के भवन अधिकारी डॉ लोधी ने कहा कि पहले और दूसरे चरण की परियोजना का काम जनवरी के अगले महीने से शुरू हो जाएगा और परियोजनाओं का कार्य 18 और 24 महीने में पूरा होने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभ लेने के लिए एक परिवार की घरेलू वार्षिक आय 3 लाख स कम होनी अनिवार्य है, जबकि केंद्र और राज्य सरकार उन्हें अपने घर का निर्माण करने के लिए 2.5 लाख रुपये का अनुदान प्रदान करेगी।
इसी तरह, क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजना के तहत 6 लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले लाभार्थी 6 लाख रुपये तक के ऋण की राशि 6.5% की एक मामूली ब्याज दर पर प्राप्त कर सकते सकते हैं।
इस योजना में प्रत्येक घर की लागत 7.5 लाख रुपये होगी और लाभार्थी को केवल 2 लाख रुपये का योगदान करना होगा।
इस के अलावा, केन्द्र और राज्य सरकार 1.5 लाख रुपये योगदान देगा और शेष राशि कम आय वाले समूह, मध्यम आय वर्ग और वाणिज्यिक इकाइयों की बिक्री से क्रॉस सब्सिडी के माध्यम से आवंटित किया जाएगा।
योजना के अनुसार, कम लागत वाली आवासीय परियोजनाएं  भूरी टेकरी, बड़ा बांगरदा, निरंजनपुर, मूसाखेड़ी, निपानिया, राव, नेता मंडल और देवगुराड़िया और शहर के दूरदराज के क्षेत्रों में स्थित हैं। झुग्गी झोपड़ीवासिओं को लोढ़ा कॉलोनी और सेठी नगर में पुननिवास प्रदान किया जाएगा।
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