उड़ान योजना के तहत अगले महीने हो सकती पहली फ्लाइट की शुरआत

देश के 43 असेवित हवाई अड्डों से चरणबद्ध तरीके से अगले महीने से उड़ान योजना के तहत उड़ान संचालन शुरू होने की उम्मीद कर रहे हैं। इन असेवित हवाई अड्डों में से पांच ओडिशा से हैं। लगभग 43 प्रारंभिक प्रस्ताव क्षेत्रीय हवाई संपर्क उड़ान योजना के तहत 190 मार्गों के लिए 11 बोलीदाताओं से भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) द्वारा प्राप्त किया गया है। भुवनेश्वर, झारसुगुडा, जयपोर, राउरकेला और उत्केला (कालाहांडी) ओडिशा के इन हवाई अड्डों को  जुड़े होने की संभावना है।

सरकार की महत्वाकांक्षी उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) योजना के तहत हवाई अड्डों से उड़ान का संचालन होगा। इस योजना के तहत एक घंटे की उड़ान के लिए 2,500 रुपये किराया तय हुआ है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य असेवित और कम सेवा वाले हवाई अड्डों से और अधिक किफायती उड़ान भरने और हवाई संपर्क को बढ़ावा देना है।

नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने कहा कि ‘गेम चेंजर’ और ‘कदम परिवर्तन’ के रूप में उड़ान योजना से देश में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय विमानन को बढ़ावा मिलेगा।

सिन्हा ने हवाई अड्डों के लिए बोली लगाने के पहले चरण के आधार पर ही कहा की उड़ान योजना के रूप में खेल का परिवर्तन होने जा रहा है । इस परिचालन से देश में हवाई अड्डों की कुल संख्या 75 से बढ़कर अब 118 हो जाएगी ।

उन्होंने कहा कि सरकार को उम्मीद है की पहली उडान के लिए जैसलमेर (राजस्थान) और कूच बेहार (पश्चिम बंगाल) जैसे कई हवाई अड्डे फरवरी में उडान योजना के तहत उड़ान के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मार्गों के लिए बोली को 3 फरवरी तक अंतिम रूप दे दिया जाएगा।

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