आयुष्मान भारत योजना – राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण योजना

Ayushman Bharat Scheme 

केंद्र सरकार ने 2018-19 के वित्तीय वर्ष के तहत ‘आयुषमान भारत योजना‘ शुरू करने की घोषणा की है। इस योजना के माध्यम से, सभी को स्वास्थ्य का लाभ मिलेगा। इस महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण योजना जिसका नाम आयुष्मान भारत योजना रखा गया है के द्वारा हर साल 10 करोड़ गरीब परिवार लाभान्वित होंगे और उन्हें 5-5 लाख रूपये का स्वास्थ्य बीमा कवर भी मिलेगा। इस योजना के तहत सरकार ने गरीब परिवारों के लिए 2000 करोड़ रुपए की गरिमापूर्ण घोषणा की है। यह योजना 2008 की स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के स्थान पर हुई है, जहां हर साल 30000 रुपये गरीबी रेखा के परिवारों को स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत दिए गए थे।

आयुष्मान भारत स्कीम

Ayushman Bharat Scheme – National Health Protection Scheme

कैसे सफल होगी मोदीकेयर योजना

इस योजना को “मोदीकेयर योजना” नाम दिया जा रहा है अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने 2010 में 2.50 करोड़ अमेरिकी परिवारों के लिए स्वास्थ्य बीमा नीति शुरू की थी। लेकिन मोदी ने 10 करोड़ परिवारों के लिए आयुषमान योजना की घोषणा की है। इसका मतलब 40 प्रतिशत आबादी इस योजना के तहत कवर की जाएगी। अब बड़ा सवाल यह है कि योजना के लिए सरकार कितना पैसा खर्च करेगी। लेकिन सरकार सोचती है कि स्वास्थ्य और शिक्षा में, इस योजना में उपयोग की जाने वाली राशि में बढ़ोतरी होगी। इस योजना के लिए सरकारी फंड में 11 हजार करोड़ की वृद्धि हुई एसईएस का अनुमानित मूल्य होगा।

आयुष्मान भारत योजना – कैशलेस योजना

Ayushman Bharat Scheme – National Health Protection Scheme

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस योजना के बारे में कहा है कि यह योजना पूरी तरह से नकद रहित होगी और ट्रस्ट मॉडल या बीमा मॉडल पर आधारित होगी। उन्होंने विंटेज कथन को खारिज कर दिया जहां कहा गया कि “इलाज के दौरान गरीबों को भुगतान करना होगा और उसके बाद दावा करना होगा।” वित्त मंत्री ने साफ किया कि प्रतिपूर्ति प्रणाली में गलती ना करके इसे ठीक से कैशलेस बनाया जाएगा। इसका अर्थ है कि आयुषमान योजना के तहत जिन बीमार लोगों का उपचार होगा उन्हें अस्पताल को एक पैसा भी नहीं देना पड़ता है। सरकार उनके लिए 5 लाख रुपये का उपचार मुआवजे का भुगतान करेगी।

और अधिक जानें 

अस्पताल में आपको क्या करना होगा?

अस्पताल में जाने के बाद, रोगी को अपना बीमा दस्तावेज देना होगा ताकि अस्पताल बीमा कंपनी को सूचित कर सके और दस्तावेज के सत्यापन के बाद इलाज शुरू कर दिया जा सके। (नोट: इस प्रक्रिया के जरिए निजी अस्पतालों में चिकित्सा बीमा की सुविधा उपलब्ध है। )

Ayushman Bharat Scheme – National Health Protection Scheme

योजना कब प्रभाव में आएगी?

वित्त मंत्री ने बताया कि यह योजना 1 अप्रैल 2018 को नए वित्त वर्ष में शुरू होगी।
कुछ समय पहले सरकार के अधिकारी कह रहे थे कि यह योजना 15 अगस्त या 2 अक्टूबर को शुरू होगी। इस योजना में ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध होगी।

उपचार कहाँ होगा?

इस योजना के तहत मरीज न सिर्फ सरकारी अस्पताल में जा सकते हैं बल्कि निजी अस्पताल में भी जा कर इलाज करा सकते हैं। निजी अस्पतालों ने इस योजना से जुड़ना शुरू कर दिया है। यहां एक और लाभ होगा लोग निजी अस्पतालों में जाएँगे क्योंकि मरीजों की भीड़ अक्सर सरकारी अस्पतालों में जाती है लेकिन इस योजना के जरिए लोग अब सरकारी अस्पतालों में भी जाना शुरू कर देंगे,जो कि निजी अस्पताल के लिए अनुकूल है। इसके अलावा,यह योजना सरकारी अस्पतालों के भार को भी कम करेगी।

प्रीमियम का क्या होगा?

योजना के संचालन के बाद विशेषज्ञों का अनुमान है कि, 50 करोड़ लोगों के लाभ प्रदान किया जाएगा। तो प्रति व्यक्ति प्रीमियम 40 रुपए का हो सकता है। लेकिन जब तक बीमा कंपनियों की सूची नहीं आ जाती, तब तक इसके बारे में स्पष्ट रूप से कुछ भी नहीं कहा जा सकता है।

चयन कैसे होगा?

10 करोड़ परिवारों का चयन 2011 की जनगणना पर आधारित होगा।
सूची को आधार नंबर के आधार पर तैयार किया जा रहा है।
पूरी सूची के बाद, वहाँ एक और किसी सबूत की जरूरत नहीं है।

आयुषमान भारत योजना के तहत अन्य योजनाएं

इस योजना के तहत, सरकार 1.5 लाख स्वास्थ्य केंद्र खुलवाएगी। स्वास्थ्य केन्द्रों में मुफ्त जांच और दवाएं प्रदान की जाएंगी और सरकार स्वास्थ्य केंद्रों द्वारा नागरिकों स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान की जाएगी। इस योजना के लिए 12000 करोड़ रुपये का खर्च रखा गया है।

 

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